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असंगठित मजदूरों के संबंध में मांग पत्र सहायक लेबर कमिश्नर को सौंपा
February 20, 2020 • TIMES OF CRIME , Editor : VINAY G. DAVID • मध्य प्रदेश / छत्तीसगढ़
असंगठित मजदूरों के संबंध में मांग पत्र सहायक लेबर कमिश्नर को सौंपा 

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ब्यूरो चीफ नागदा, जिला उज्जैन // विष्णु शर्मा 8305895567

नागदा. ओद्यौगिक शहर नागदा में स्थित इंडस्ट्रियल इकाइयों में कार्यरत असंगठित मजदूरों एवं कामगारों के हितों के संरक्षण के लिए असंगठित मजदूर कांग्रेस के प्रदेश संयोजक अभिषेक चौरसिया एवं किसान कांग्रेस के प्रदेेश महासचिव दीपक पप्पी शर्मा द्वारा असंगठित मजदूरों के संबंध में 7 बिंदुओं पर एक मांग पत्र सहायक श्रम आयुक्त मेघना भट्ट से उज्जैन में मिलकर दिया गया.

जिसपर सहायक श्रम आयुक्त द्वारा मांग पत्र को गंभीरता से लेते हुए उचित एवं आवश्यक कार्यवाहीं करने का आश्वासन दिया गया है । 

अभिषेक चौरसिया ने बताया कि मांग पत्र में निम्नलिखित मांगे शामिल की गई हैं -

1) असंगठित क्षेत्र में कार्यरत महिला मजदूरों को समान कार्य समान वेतन लागू किया जाए।

2) ठेकेदारी में कार्यरत असंगठित मजदूरों एवं श्रमिकों को कम से कम 360 रुपए प्रतिदिन मजदूरी दी जाएं।

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3) सभी असंगठित ठेका मजदूरों एवं कामगारों को राज्य कर्मचारी बीमा कॉर्पोरेशन के दायरे में लाया जाए और न्यूनतम 1000 रुपए प्रतिमाह पेंशन मुहैया करवाई जाए ।

4) समस्त ठेका मजदूरों एवं कामगारों को उद्योग में कार्य के दौरान हाईटेक मास्क, हेलमेट, दस्ताने, इयरबड एवं बारकोड युक्त आइडेंटिटी कार्ड उपलब्ध करवाया जाएं ।

5) आदित्य बिरला समूह द्वारा संचालित समस्त विद्यालयों में ग्रेसिम उद्योग में कार्यरत असंगठित ठेका मजदूरों एवं श्रमिकों के बच्चों की फीस में 25% छूट प्रदान की जाए ।

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6) उद्योगों में कार्यरत असंगठित महिला कामगारों को उनके बच्चों और परिवार के लिए 500 रुपए प्रतिमाह मेडिकल भत्ता उद्योगों के प्रबंधन द्वारा प्रदान किया जाए ताकि उनमें सुरक्षा की भावना मजबूत हो सकें।

7) समस्त उद्योगों में कार्यरत असंगठित मजदूरों के 60 वर्ष की उम्र के बाद 1000 रुपए प्रतिमाह पेंशन एवं निशुल्क मेडिकल सुविधा दिए जाने हेतु उद्योगों एवं प्रशासन के द्वारा नीति का निर्माण किया जाए ।

अभिषेक चौरसिया ने बताया कि असंगठित मजदूरों के हित के लिए राज्य शासन के उच्च अधिकारियों से चर्चा जारी हैं क्योंकि मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री कमलनाथ जी असंगठित मजदूरों के विषय में काफी गंभीर है । और जल्द से जल्द इस संबंध ठोस कार्यवाही करने के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रयास किए जाएंगे ।