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ग्रेसिम उद्योग के विस्तारीकरण के पूर्व 7 सूत्रीय मांग पत्र उद्योग चेयरमैन कुमार मंगलम बिरला सहित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को भेजकर उठाई मांग
June 5, 2020 • TIMES OF CRIME , Editor : VINAY G. DAVID • बिजनेस / तकनीकी

ग्रेसिम उद्योग के विस्तारीकरण के पूर्व 7 सूत्रीय मांग पत्र उद्योग चेयरमैन कुमार मंगलम बिरला सहित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को भेजकर उठाई मांग

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ब्यूरो चीफ नागदा, जिला उज्जैन // विष्णु शर्मा 8305895567

नागदा- असंगठित मजदूर कांग्रेस के प्रदेश संयोजक अभिषेक चौरसिया ने नागदा स्थित मेसर्स ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (स्टेपल फाइबर डिवीजन) को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्लांट विस्तारीकरण के संबंध में मिली पर्यावरणीय स्वीकृति के पश्चात एक 7 सूत्रीय मांग पत्र ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को भेजा है ।

जिसके अंतर्गत चेयरमैन श्री कुमार मंगलम बिरला, मैनेजिंग डायरेक्टर श्री दिलीप सिंह गौर, कंपनी सेक्रेटरी हुतोक्षी आर. वाडिया, चीफ़ फाइनेंशियल ऑफिसर आशीष अदुकिया, सीएसआर चेयरपर्सन राजश्री बिरला, बोर्ड के डायरेक्टर्स ओमप्रकाश रूंगटा, अनीता रामचंद्रन, सी. सुरेश श्रॉफ, शैलेन्द्र कुमार जैन, मोहनराज एन. नायर एवं अरुण के. थियागराजन आदि को पत्र के माध्यम से भेजकर की हैं ।

अभिषेक चौरसिया ने बताया कि उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं को मांग पत्र के अतंर्गत शामिल किया है -

1) ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (स्टेपल फाइबर डिवीजन) नागदा, जिला उज्जैन, मध्यप्रदेश में चंबल नदी के किनारे स्थित प्रदूषण पीड़ित 22 ग्राम पंचायतों के बेरोजगार युवाओं एवं युवतियों को 50% रोजगार दिया जाना सुनिश्चित करवाया जाए।

2) पूर्व में बंद हुई भारत कामर्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड की बिरलाग्राम एवं अशोक कॉलोनी स्थित भूमि पर बसे रहवासी कॉलोनियों के गरीब एवं निर्धन आम नागरिकों को उनके घरों से बेघर नहीं किए जाने के संबंध में ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (स्टेपल फाइबर डिवीजन) के प्रबंधन द्वारा उन्हें निवास करने हेतु पूर्णकालिक एनओसी का अनुबंध प्रदान करवाया जाए । क्योंकि उक्त भूमि का मामला वर्तमान में माननीय सर्वोच्च न्यायालय, भारत में मेसर्स ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (स्टेपल फाइबर डिवीजन) विरूद्ध मध्यप्रदेश शासन विचाराधीन हैं ।

3) ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (स्टेपल फाइबर डिवीजन) के प्लांट विस्तारीकरण से पूर्व इनकी औद्योगिक इकाई में वर्तमान में कार्यरत 20 प्रतिशत ठेका श्रमिकों को स्थाई करने की प्रक्रिया तत्काल उद्योग प्रबंधन द्वारा शुरू करवाई जाए।

4) मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित, भोपाल द्वारा 22 ग्राम पंचायतों हेतु दिनांक 24 जनवरी 2020 को प्रारंभ हुई जल प्रदाय योजना का संपूर्ण खर्च मेसर्स ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (स्टेपल फाइबर डिवीजन) द्वारा वहन किया जाए जिसके संदर्भ में एक अनुबंध उद्योग प्रबंधन एवं मध्यप्रदेश शासन के मध्य इस प्लांट विस्तारीकरण के पूर्व किया जाए।

5) ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (स्टेपल फाइबर डिवीजन) द्वारा प्लांट विस्तारीकरण से पूर्व रोजगार चयन हेतु रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया तत्काल शुरू करवाई जाए एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ नागदा शहर के बेरोजगार युवाओं को बिना किसी राजनीतिक या प्रशासनिक व्यक्ति की अनुशंसा के उनकी योग्यता अनुसार रोजगार प्रदान करवाया जाए, स्थानीय बेरोजगार युवाओं का ही चयन किया जाए । चयन प्रक्रिया एवं चयनित अभ्यर्थियों की सूची सार्वजनिक की जाए ।

6) नागदा नगरपालिका परिषद के माध्यम से नागदा शहर के 36 वार्ड की सफाई व्यवस्था का संपूर्ण खर्च मेसर्स ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (स्टेपल फाइबर डिवीजन) द्वारा सीएसआर फंड के माध्यम से वहन किया जाए । जिसके संबंध में दिनांक 11/03/2019 को प्रमुख सचिव एवं तत्कालीन अध्यक्ष,मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड श्री अनुपम राजन द्वारा दिए गए निर्देश में भी इस बात का उल्लेख हैं ।

7) ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (स्टेपल फाइबर डिवीजन) नागदा इकाई द्वारा अपने उद्योग में श्रमिकों के लिए उपयोग में लाई जाने वाली सामग्री जैसे - सेफ्टी शू, हेलमेट, मास्क, इयरबड, ड्रेस मटेरियल, चश्में, सेनिटाइजर आदि की ख़रीद स्थानीय व्यापारियों से ही की जाएं ।

अभिषेक चौरसिया ने बताया कि यह अगर उद्योग समूह के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 30 दिन के भीतर अपना पक्ष नागदा शहर एवं प्रदूषण पीड़ित 22 ग्राम पंचायतों के लिए स्पष्ट नहीं किया तो मध्यप्रदेश हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर जाएंगे उद्योग के विस्तारीकरण को चुनौती दी जाएंगी ।

प्रदूषण पीड़ित इन 22 ग्राम पंचायतो के लिए उठाई हैं मांग -

परमारखेड़ी, दिवेल, गीदगड़, अटलवादा, बनवाड़ा, राजगढ़, टकरावदा, किलोडिया, भीमपुरा, निनावटखेडा, खजुरिया, झाझाखेड़ी, झिरमिरा, खुरमुंदी, गिंदवानिया, तारोद, चंदोडिया, टूटियाखेड़ी, रजला, बछोड़ा, भगतपुरी एवं बेरछा ।