ALL राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय मध्य प्रदेश / छत्तीसगढ़ क्राइम / अपराध राजनीति मनोरंजन / सिनेमा खेल खिलाड़ी स्वास्थ्य जगत शिक्षा / कैरियर बिजनेस / तकनीकी
मुंबई में प्रवासियों को उकसाने वाला विनय दुबे गिरफ्तार, लॉकडाउन में बांद्रा स्टेशन के पास जुटे थे सैकड़ों
April 16, 2020 • TIMES OF CRIME , Editor : VINAY G. DAVID • राष्ट्रीय
मुंबई में प्रवासियों को उकसाने वाला विनय दुबे गिरफ्तार, लॉकडाउन में बांद्रा स्टेशन के पास जुटे थे सैकड़ों

TOC NEWS @ www.tocnews.org

खबरों और जिले, तहसील की एजेंसी के लिये सम्पर्क करें : 98932 21036

मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के बाहर अचानक जुटी हज़ारों की भीड़ यूँ ही नहीं जुटी बल्कि एक अफवाह फैली, लोगों के मोबाइल पर मैसेज आये और लोग स्टेशन के बाहर इकट्ठे हो गए. अब इस मामले में नया मोड़ आया है. मुंबई पुलिस ने उस शख्स को गिरफ्तार कर लिया है जिसने ये अफवाह फैलाई थी और लोगों को स्टेशन के बाहर इकठ्ठा कर लॉकडाउन का उल्लंघन किया था.  

विनय दुबे नाम के शख्स को नवी मुंबई से गिरफ्तार किया गया. खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले विनय दुबे ने सोशल मीडिया पर भी कई भड़काऊ पोस्ट किये थे. उसने एक विडियो अपलोड करते हुए महाराष्ट्र सरकार से मांग की थी कि वह प्रवासी कामगारों के लौटने का इंतजाम करे, जो कोरोनावायरस के कारण जारी लॉकडाउन में फंसे हुए हैं. 

उसने इसके अलावा सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी किया था जिसमे उसने केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर 18 अप्रैल तक ट्रेने शुरू नहीं हुई तो देशव्यापी मजदूर आन्दोलन होगा. माना जा रहा है कि उसने ट्रेलर दिखाने के लिए 14 अप्रैल को ही भीड़ इकट्ठी कर मुंबई से लेकर दिल्ली तक को चौंका दिया.   

मुंबई में प्रवासियों को उकसाने वाला विनय दुबे गिरफ्तार, लॉकडाउन में बांद्रा स्टेशन के पास जुटे थे सैकड़ों

विनय दुबे का सम्बन्ध किसी राजनीतिक पार्टी से या किसी संगठन से सम्बन्ध है या नहीं ये तो जांच के बाद ही सामने आएगा. लेकिन विनय के सनक ने हज़ारों जान को खतरे में डाल दिया. मुंबई कोरोना का हॉटस्पॉट बना हुआ है. सबसे ज्यादा केस और सबसे ज्यादा मौतें मुंबई में ही हुई है. इसके बावजूद हज़ारों लोगों का सोशल डिस्टेंसिंग की परवाह किये बिना इस तरह से इकट्ठे होना उद्धव सरकार की नाकामी का जीता जागता सबूत है. 

सबसे आश्चर्य की बात है कि उद्धव के मंत्री आदित्य कह रहे हैं कि प्रवासी मजदूर अपने घर जाना चाहते हैं लेकिन वहां इकात्ट्ठे हुए लोगों के पास सामान तक नहीं था. आदित्य ठाकरे सरकार की नाकामी का ठीकरा केंद्र सारकार पर फोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.