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फोरलेन पर तालाब के नाम पर काली मिट्टी का हुआ जमकर उत्खनन, बांध के ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने प्रशासन ने किया सहयोग
June 20, 2020 • TIMES OF CRIME , Editor : VINAY G. DAVID • मध्य प्रदेश / छत्तीसगढ़
फोरलेन पर तालाब के नाम पर काली मिट्टी का हुआ जमकर उत्खनन, बांध के ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने प्रशासन ने किया सहयोग

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ब्यूरो चीफ मुलताई, जिला बैतूल 

मुलताई। नगर के बायपास फोरलेन पर अमरावती मार्ग के पास एनएचएआई की भूमि पर तालाब निर्माण के नाम पर जमकर काली मिट्टी का उत्खनन किया गया। तालाब तो नही बना लेकिन आसपास बनने वाले बांध के ठेकेदारों का इसका लाभ मिल गया जिसमें प्रशासन द्वारा भी उन्हे पूरा सहयोग किया गया। फिलहाल बारिश होने पर खुदाई की गई उक्त भूमि पर दलदल निर्मित हो गया है.

लेकिन तालाब निर्माण का कहीं अता-पता नही है जिससे साफ है कि सिर्फ काली मिट्टी का उत्खनन करने के लिए ही तालाब के नाम पर खुदाई की गई थी। हालांकि एनएचएआई की भूमि पर उक्त विभाग की ही बिना अनुमति के खुदाई की गई जिसकी शिकायत एनएचएआई के अधिकारियों द्वारा थाना मुलताई में की गई लेकिन अधिकारियों के दबाव के कारण इस प्रकरण में आगे कोई कार्रवाई नही हुई और बांध निर्माण कर रहे ठेकेदारों की चांदी हो गई। वर्तमान में नगर के आसपास बन रहे बांधों का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है वहीं एनएचएआई की भूमि पर बनने वाला तालाब अधूरा पड़ा हुआ है। 

तालाब के औचित्य पर उठे थे सवाल

एनएचएआई की भूमि पर अचानक तालाब खुदाई पर स्थानीय नागरिकों द्वारा आपत्ति भी ली गई थी। बताया जा रहा है कि एनएचएआई द्वारा तालाब खुदाई का कार्य भी रूकवाया गया था। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार मार्ग के ठीक किनारे तालाब खुदाई का कोई औचित्य ही नही था लेकिन प्रशासन के सहयोग से जमीन की बेवजह खुदाई की गई जिससे फोरलेन मार्ग की मजबूती भी प्रभावित हो सकती है। इधर खुदाई स्थल पर एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों द्वारा खड़े रहकर खुदाई कराई गई थी। 

काली मिट्टी निकालने के बाद कार्य किया बंद

 तालाब निर्माण के नाम पर एनएचएआई की भूमि की खुदाई की गई जिसमें सैकड़ों डंपर काली मिट्टी निकाली गई जो आसपास बन रहे बांधों में लगाई गई। ठेकेदारों द्वारा रात-दिन खुदाई करके एक बड़ा गढ्ढा तालाब के नाम पर खोद दिया गया जो फोरलेन से ही नजर आता है। लेकिन काली मिट्टी निकलना बंद होते ही कार्य भी बंद कर दिया गया। यहां सवाल यह उठता है कि जब प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बताया गया था कि तालाब का निर्माण किया जा रहा है फिर तालाब की खुदाई क्यों रोक दी गई। फिलहाल तालाब की जगह दलदल बन चुकी है जिससे उधर स्थित खेत की ओर जाने वाले किसानों को भारी परेशानी उठाना पड़ रहा है।