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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लॉक डॉउन के दौरान उद्योगों के चालू रहने के विरूद्ध दर्ज याचिका को 24 घंटे के भीतर मंजूर करते हुए केस के रूप में किया रजिस्टर्ड
April 19, 2020 • TIMES OF CRIME , Editor : VINAY G. DAVID • मध्य प्रदेश / छत्तीसगढ़
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लॉक डॉउन के दौरान उद्योगों के चालू रहने के विरूद्ध दर्ज याचिका को 24 घंटे के भीतर मंजूर करते हुए केस के रूप में किया रजिस्टर्ड

 

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ब्यूरो चीफ नागदा, जिला उज्जैन // विष्णु शर्मा 8305895567

नागदा जं.। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की नई दिल्ली बेंच के समक्ष असंगठित मजदूर कांग्रेस के प्रदेश संयोजक अभिषेक चौरसिया द्वारा प्रस्तुत याचिका जिसमें नागदा में लॉकडॉउन को दौरान भी उद्योगों के संचालन के विरूद्ध कार्यवाही की मांग की गई थी उसपर तत्काल कार्यवाही करते हुए 24 घण्टे के भीतर केस के रूप में रजिस्टर्ड कर लिया गया है ।

मानवाधिकार आयोग ने दिनांक 16 फ़रवरी 2020 को पंजीकृत केस डायरी क्रमांक 4214/आईएन/2020 के मामले में आज कार्यवाही करते हुए उसे केस नंबर 928/12/47/2020 प्रदान किया हैं

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लॉक डॉउन के दौरान उद्योगों के चालू रहने के विरूद्ध दर्ज याचिका को 24 घंटे के भीतर मंजूर करते हुए केस के रूप में किया रजिस्टर्ड

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चौरसिया ने बताया कि उक्त मामले में एसडीएम नागदा श्री आरपी वर्मा, तहसीलदार श्री विनोद शर्मा, लेक्सेस इंडिया के यूनिट हेड संजय सिंह, ग्रेसिम केमिकल डिवीजन के यूनिट हेड प्रेम तिवारी एवं महाप्रबंधक आरसी जांगिड़ के विरूद्ध कार्यवाही हेतु यह याचिका लगाई गई हैं । जिसके संबंध में आयोग द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई शुरू कर जांच प्रारंभ कर दी गई हैं ।

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चौरसिया ने बताया कि उन्होंने याचिका के माध्यम से मांग की थी कि संबंधित उद्योगों के अधिकारियों के विरूद्ध कानूनी प्रकरण दर्ज किए जाए और प्रशासकीय अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए । जिनकी मिलीभगत से यह संपूर्ण क्रम चल रहा है ।

लेन्सेक्स उद्योग एवं ग्रेसिम केमिकल डिवीजन के संचालन के विरूद्ध राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली में याचिका दर्ज

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