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सापना डैम के किनारे विस्फोटक का जखीरा, कभी भी फूट सकता जलाशय 
October 20, 2019 • TIMES OF CRIME , Editor : VINAY G. DAVID
सापना डैम के किनारे विस्फोटक का जखीरा, कभी भी फूट सकता जलाशय 

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बैतूल संवाददाता // अशोक झरबड़े  : 9424554933

सिचाई विभाग ने गैर कानूनी तरीके से किराए पर दिया मैगजीन हाउस 

बैतूल । जिले में सिचाई विभाग ने सापना डैम के किनारे स्थित मैगजीन हाउस को नियम कायदे तक पर रखते हुए किराए पर दिया है। विभाग की इस बड़ी लापरवाही के चलते विस्फोटक के इस जखीरे से कभी भी मध्यम सिंचाई योजना का यह डैम फूट कर भारी तबाही मचा सकता है। इस ओर ना तो प्रशासन का ध्यान है और ना ही विभाग का।
 
भरोसेमंद सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार सुरक्षा के नियमो को ताक पर रखकर वर्षो से इस मैगजीन हाउस को सिचाई विभाग ने लीज पर दे दिया है। वर्ष 1956 में बने सापना जलाशय के निर्माण के लिए ठेकेदार ने अपनी विस्फोटक सामग्री रखने के लिए इसका निर्माण किया था जो अस्थाई था परन्तु इस अस्थाई मैगजीन हाउस को कई वर्षों से सिचाई विभाग ने किराए पर दे रखा है जहाँ इसकी सुरक्षा करने के लिए कोई नही है। इस मैगजीन हाउस में बड़े पैमाने पर विस्फोटक सामग्री रखी गई है ।

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इसके कारण कभी भी सापना जलाशय पर खतरा बन सकता है। इधर सिचाई विभाग के कार्यपालन यंत्री अशोक कुमार डेहरिया ने बताया कि मैगजीन हाउस किराए पर देने की जानकारी उन्हें नही है। उन्होंने बताया कि मैगजीन हाउस डेम के निर्माण के समय  बना था ।तत्कालीन सब इंजीनियर ने बताया कि बैतूल के विस्फोटक विक्रेता को किराए पर दिया है । 
 

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हालांकि सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2015 से इस मैगजीन हाउस की लीज निरस्त हो गई है परन्तु आज भी इसका उपयोग नाइट्रेट मिक्चर एवं आर्डि डेटोनेटर रखने के लिए किया जा रहा है ।सरकारी मशनरी के जांच में आज तक सापना पर बने मैगजीन हाउस का किसी निरीक्षण रिपोर्ट में नाम नहीं आया है ।  इससे साफ है कि यह अवैध रूप से संचालित हो रहा है। अवैध होने से ना तो यहाँ सुरक्षा मापदंडों का पालन होता है और ना ही मापदंडों का पालन हो रहा है या नहीं, यह देखने की ही किसी को फुर्सत है।